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शुक्रवार, 10 अक्टूबर 2008

१९वी सदी में नवजागरण के विकास में हिन्दी निबंधों की भूमिका महेंद्र सिंह मीना
हिन्दी नवजागरण के विकास में हिन्दी निबंधों की भूमिका के बारे में चर्चा करने से पहले मैं हिन्दी नवजागरण के बारे में अपने विचार रखना चाहूँगा कि हिन्दी नवजागरण क्या है ?डॉ.रामविलास शर्मा का मानना है कि हिन्दी नवजागरण हिन्दी भाषी प्रदेश में प्रचलित राष्ट्रीय जागरण कि साहित्यिक अभिव्यक्ति है ,किंतु मेरा मानना है कि १९ वी सदी में हिन्दी प्रदेश में ऐसा कोई आन्दोलन नहीं चल रहा था | जो भी आन्दोलन चल रहे थे; बे हिन्दी प्रदेश से बहुत दूर थे, प.बंगाल या महारास्ट्र में | अत १९ वी सदी के हिन्दी नवजागरण को केवल हिन्दी प्रदेश से जोड़ना उचित नहीं होगा |वास्तव में यह रास्ट्रीय नवजागरण कि साहित्यिक अभिव्यक्ति है |
१९ वी सदी में नवजागरण की उत्पत्ति यकायक ही नहीं होती है इसमें पाश्चात विचारों की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है | पहली वार आधुनिक सिच्छा प्रणाली की शुरूआत होती है

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